महाई बाबा यहाँ इसलिए दर्ज हैं कि स्थानीय शोध में यह नाम ग्राम-रक्षक के रूप में आता है — पूर्वी उत्तर प्रदेश वाला वह बाबा, जिसका स्थान सीमा के पेड़ या मिट्टी के चबूतरे पर होता है।
यह सत्यापित जीवनी नहीं है। इस संग्रह की गजेटियर-खोज अभी इस व्यक्ति को नहीं पहचानती। पड़ोसी जनगणना गाँव हरनडीह उर्फ महाई खास एक स्थान-नाम देता है; वही आराधना हो भी सकती है, नहीं भी।
यदि आप उस स्थान की सेवा करते हैं, तो तिथि सहित चित्र भेजें, या वार्षिक रीति बताएँ। तब तक यह पृष्ठ इसलिए है कि खोज इंजन और वंशज प्रश्न पाएँ, कोई गढ़ी हुई संत-कथा नहीं।