स्थानीय शोध-टिप्पणियों में महाई बाबा का उल्लेख ग्राम-रक्षक के रूप में मिलता है। कटियारी के आसपास के हरनडीह उर्फ महाई खास गाँव से भी इस नाम को जोड़ा गया है। स्थान के नाम और पूजा-परंपरा के इस संबंध की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
इस प्रविष्टि को प्रमाणित जीवनी के रूप में न पढ़ें। अब तक देखे गए सार्वजनिक गजेटियर और समाचार-अभिलेखों से महाई बाबा का जीवन-वृत्त स्पष्ट नहीं हुआ है।
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